मंगलवार, 27 मार्च 2012

राधारमण मेरे राधारमण

राधारमण मेरे राधारमण
राधारमण मेरे राधारमण
बस जाओ आके मेरे भी मन
बन जाओ तुम अब मेरा जीवन

खाली है झोली प्रेम बिना
डाल दो थोडा भक्ति का धन

देर न कर दे दो दान
फिर न मिलेगा ऐसा निर्धन.

राधारमण मेरे राधारमण
राधारमण मेरे राधारमण

जाने बिना तुझे माने बिना
बिता दिए कितने अधूरे जीवन

अब तू भी जाने मै भी जानू
मिटा दो अब इसका अधूरापन

राधारमण मेरे राधारमण
राधारमण मेरे राधारमण

रोम-रोम मेरा करे पुकार
व्याकुल हो मेरा क्षण-क्षण

मन,ह्रदय,ये साँसे,जीवन
जो भी है वो तुझे अर्पण

कर लो स्वीकार राधारमण
राधारमण मेरे राधारमण

4 comments:

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

बहुत सुन्दर प्रार्थना।

Kailash Sharma ने कहा…

बहुत सुंदर भक्तिमयी वन्दना...

http://aadhyatmikyatra.blogspot.in/

Dr. shyam gupta ने कहा…

वाह! जगद्गुरु..सर्वोच्च ...राधारमण....श्याम सुन्दर...

राजीव थेपड़ा ( भूतनाथ ) ने कहा…

बहुत सुन्दर भक्तिमयी वन्दना-प्रार्थना।